Sunday, December 14, 2008

टूटे दिल कि किरचें

क्यूँ जाएँ उन रास्तों पर जहाँ अंधेरो के साये हैं

क्या करेंगे पहले ही दोस्ती में खता खाए हैं

रहने दो अब ये दिल विल लगाने वाली बातों को

चोट खाने कि हिम्मत नहीं है इतने घाव पायें हैं



देखा राहों में और सब आशियानों में
सब झूट ही तो लिखा है इन फसानो में
लाख ढूंडा पर एक भी तो इंसान न मिला
सुना था फ़रिश्ते भी मिलते हैं इंसानों में



वो तो गैर थे अंगार जिनके चिलमन में था
तू तो अपना था मुझको रखना सहन में था
किसी कोने में ही फैंक देता अरे ओ माली
में काँटा ही सही पला तो तो तेरे चमन में था


बड़ा ही मुश्किल है ऐ ज़िन्दगी का सफर
जाने कब क्या हो जाए किसको है ख़बर
इसलिए जीना है तो जीना औरों के लिए
शायद किसी की दुआ कर जाए कही असर


जो मजा है कुछ बनाने में वो कहाँ है मिटाने में
ये राज भला किसने जाना है इस ज़माने में
काश कभी तो समझें ये घरों को फूँकने
एक उम्र गुजार जाती है घर बनाने में

आज तुझसे जिंदगी का हिसाब मांगता हूँ
तेरे चेहरे पे चढा खामोश नकाब मांगता हूँ
मेरी जिन्दगी को सवाल बनाने वाले खुदा
आज में तुझसे ही अपना जवाब मांगता हूँ


6 comments:

दिगम्बर नासवा said...

आज तुझसे जिंदगी का हिसाब मांगता हूँ
तेरे चेहरे पे चढा खामोश नकाब मांगता हूँ
मेरी जिन्दगी को सवाल बनाने वाले खुदा
आज में तुझसे ही अपना जवाब मांगता हूँ

क्या बात है
बहुत बहुत बहुत ही अच्छी कविता है
अनोखे एहसास मैं डूबी कविता

ज्योत्स्ना पाण्डेय said...

हिन्दी ब्लाग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है ,टिप्पणी चिटठा पढ़ने के बाद करूंगी .मेरी शुभ कामनाएं आपके साथ हैं .................

मेरे ब्लाग पर आपका स्वागत है

तरूश्री शर्मा said...

क्यूँ जाएँ उन रास्तों पर जहाँ अंधेरो के साये हैं
क्या करेंगे पहले ही दोस्ती में खता खाए हैं
रहने दो अब ये दिल विल लगाने वाली बातों को
चोट खाने कि हिम्मत नहीं है इतने घाव पायें हैं
बढ़िया छंद हैं सभी... लेकिन ए दोस्त,

जिंदगी जिंदा दिली का नाम है...
मुर्दादिल भी क्या खाक जिया करते हैं...
घावों से परेशान ना हों...कभी कभी हिम्मत भी देते हैं दर्द सहने की।

Prakash Badal said...

बढिया रचना आपका स्वागत्

अभिषेक मिश्र said...

लाख ढूंडा पर एक भी तो इंसान न मिला
सुना था फ़रिश्ते भी मिलते हैं इंसानों में
खूब लिखा है आपने. स्वागत ब्लॉग परिवार और मेरे ब्लॉग पर भी.

प्रवीण त्रिवेदी said...

हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरी शुभकामनायें….....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

प्राइमरी का मास्टर का पीछा करें