आरजू नहीं अब दुनिया की, तेरा दिल काफी है मेरे रहने के लिए
सारे अल्फाज किताबों में रहने दो तेरा नाम काफी है लेने के लिए
जब से मिले तुम मुझको तब से इस जिन्दगी की भी चाहत न रही
हवा की अब जरूरत क्या तेरी खुश्बू काफी है सांसो में बहने के लिए
कौन कहता है बिछड़ जाना अच्छा है
जुदाई से तो यार मर जाना अच्छा है
गर बाहें खुली हो तेरी समेटने के लिए
तो मेरा टूटकर बिखर जाना अच्छा है
ऐसा कोई मिल गया है जिन्दगी की राहों में
अब जिन्दगी कट जाये बस उसकी पनाहों में
चाहत होगी किसी को इतनी बड़ी दुनिया की
मेरी सारी दुनिया सिमट आई तेरी बाँहों में